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POLICY & GUIDELINE

Peer Review Process

 

Peer Review Policy

 

Anusandhan Vigyan Shodh Patrika is a peer reviewed international journal. It is an open access journal published annually in Hindi language under Creative Commons(C.C.) Attribution International Licence. This journal is indexed in DOAJ(Directory of Open Access Journal) and Crossref, USA. All research papers and articles are subjected to peer review process. We strictly follow review process in publication of research papers to maintain the international standards in scientific research (mainly for section-1 & 2 of journal). Review process is helpful for us to maintain the standards of research as well as removal of errors involved in writing the research papers and to improve the quality of papers. On the basis of reviewer’s comment, papers are accepted, resubmitted or rejected. In any case, the author is informed accordingly but rejected articles are not returned to authors. After completion of review process, this science journal published online as well as hard form. As publication of hard copy including completion of review process is expensive affair so before publication of their paper, author is to deposit reprint fee of Rs 650/- for providing 25 reprints in prior to publishing the papers in journal.  The journal does not charge any submission fee or publication charges.

 

 

Author Guidelines

 

शिक्षाविदों से प्रस्तुतियां इस आशय के साथ आमंत्रित हैं कि वह किसी अन्य पत्रिका में प्रकाशन हेतु न तो स्वीकृत हैं और न ही प्रकाशन हेतु समीक्षारत हैं। पत्रिका में प्रकाशित शोध पत्रों/समीक्षा लेखों/वैज्ञानिक लेखों का काॅपीराइट बी0एस0एन0वी0 विज्ञान परिषद का होगा। एक लेखक पत्रिका के प्रत्येक भाग में प्रकाशन हेतु प्रस्तुतियाँ प्रेषित कर सकता है। भाग-3 एवं भाग-4 में प्रकाशन हेतु प्रस्तुत सभी वैज्ञानिक लेखों के अंत में संदर्भ दिया जाना आवश्यक है। पत्रिका के किसी भी भाग में प्रकाशन हेतु पत्र(एम0 एस0 वर्ड फाइल) ई−मेल के माध्यम से संपादक−डाॅ0 दीपक कुमार श्रीवास्तव, एसोसिएट प्रोफेसर, गणित विभाग, बी0 एस0 एन0 वी0 पी0 जी0 काॅलेज, लखनऊ, को उनके ई−मेल पते कोसिवू/ीवजउंपसण्बवउपर प्रेषित किये जायेंगे। समीक्षा उपरांत स्वीकृत होने पर पत्रिका के प्रारूप के अनुसार पत्र की एम0 एस0 वर्ड में .डाॅक फाइल इसी ई−मेल पते पर प्रकाशन हेतु पुनः मांगी जायेगी। जिसे पुनः पत्रिका के प्रारूप के आधार पर जाँच करने के उपरांत अंतिम बार लेखक को अवलोकनार्थ भेजा जायेगा तथा इसे कम से कम समय(दो से तीन दिन के अंदर) में पुनः अंतिम प्रकाशन हेतु प्रस्तुत करना होगा।

भाग-1, भाग-2, भाग-3, भाग-4 के सभी शोध पत्रों/लेखों में प्रयुक्त सामग्री का क्रम निम्नवत होना चाहिए-
हिन्दी में शीर्षक,
हिन्दी में लेखक का नाम, विभाग एवं संस्था का पता(सेवानिवृत्त होने की स्थिति में घर का स्थायी पता) ई-मेल पते सहित,
हिन्दी में सारांश,
अंग्रेजी में शीर्षक,
अंग्रेजी में लेखक का नाम, विभाग एवं संस्था का पता(सेवानिवृत्त होने की स्थिति में घर का स्थायी पता) ई-मेल पते सहित,
अंग्रेजी में सारांश(एब्स्ट्रेक्ट)
प्रस्तावना/भूमिका
सामग्री एवं विधि
परिणाम/चर्चा
निष्कर्ष
आभार(यदि देना चाहें तो)
संदर्भ(संदर्भों को लेख में ही क्रमीकरण करते हुए उचित स्थान पर पंक्ति के ऊपर 1,2,3,..... इत्यादि अंकित करके लिखें जैसे जैन व शर्मा1,श्रीवास्तव एवं अन्य2)
6. शोध पत्र व पुस्तकों के संदर्भ इस प्रकार तैयार किये जायें-
सक्सेना, पी0 डी0 तथा शर्मा, ए0 के0(1991) मेडिसिनल प्लांट आफ वाटर, ज0 आफ बायो0, खण्ड 21, अंक 3, मु0पृ0 121-132।
श्रीवास्तव, डी0 के0(2013) ज्यामिति, पियरसन एजुकेशन, प्रथम संस्करण, नई दिल्ली, पृ0 121।
7. लेखकों को अपने शोध पत्रों, समीक्षा लेखों, तकनीकी लेखों एवं वैज्ञानिक लेखों की मौलिकता एवं काॅपीराइट स्थानांतरण प्रमाण पत्र बी0एस0एन0वी0 विज्ञान परिषद को निर्धारित प्रारूप(नियमावली के अंत में संलग्न) पर देना आवश्यक होगा।
8. सभी छपे हुए लेखों के 25 रि−प्रिंटस लेने अनिवार्य होंगे, जिनका शुल्क रू0 650/− होगा।
9. पत्रिका पूर्ण रूप से ओपेन एक्सेस पियर रिव्यूड सिस्टम पर आधारित होगी जिससे कि कोई भी पाठक छपे हुए पत्रों को पढ़ सकता है तथा शुल्क मुक्त रूप से शैक्षिक उपयोग हेतु डाउनलोड कर सकता है।
10. स्वीकृत पत्रों की उपलब्धता के आधार पर विज्ञान की सभी धाराओं के पाठकों की रूचि को ध्यान में रखते हुए सभी धाराओं का कम से कम एक पत्र अवश्य छापा जायेगा। यदि किसी एक धारा में एक वर्ष में कई पत्र छपने हेतु स्वीकृत किये जाते हैं तक उन्हें वरीयता